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Bye 2019, Welcome to 2020. Why?

Happy New Year 2020

“आप सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं| 
2019 को बाय बाय, 2020 को Welcome”

पांच मिनट या उससे कम लगेगा, लेकिन पूरा पढ़रियेगा| हमारा लेख ठेस पहुँचाने के लिए नहीं हैं, यह लेख अभी की नयी पीढ़ी और आने वाली पीढ़ी को मजबूती देने के लिए हैं|

अभी दो दिनों में 2020 आ जायेगा| 2020 में बहुत सारे नियम बनायेंगे| बहुत सारे अच्छे काम करना चाहेंगे | ईश्वर से प्राथना करेंगे की जो 2019 में नहीं मिला वो 2020 में मिल जाये| सभी दोस्तों को, रिश्तेदारो को, परिवार को, अपने साथ काम करने वाले साथियों को और अन्य लोगो को याद करेंगे और मैसेज में शुभकामनाये देंगे| पार्टी देंगे, खर्च करेंगे और खुशियाँ बाटेंगे|

पर ऐसा नहीं होता हैं, कुछ दिनों के बाद सारे नियम टूट जायेंगे| मुश्किल से एक-दो अच्छे काम होंगे| जैसा पिछला वर्ष चला गया ये 2020 भी चला जायेगा| दोस्तों से, रिश्तेदारों से, परिवार से मैसेज कम होगा बाते नहीं के बराबर होगी| कभी-कभी खुशियाँ आएगी|

ऐसा क्यों होता है हमारे साथ? और मैंने इस साल क्या पाया? यही सवाल हर साल खड़ा नजर आता हैं|
आपका शुभकामनायें उस पानी बुँदो के सामान हैं, जो सुखी-बंजर भूमि पर तो पड़ती हैं, लेकिन घास तक जन्म नहीं ले पाती हैं| क्योकि 125 सौ करोड़ भारतीय में सोच एक-सा नहीं हैं| हमलोग बटें हुयें हैं:- लड़का-लड़की, आदमी-औरत, अनपद-पढ़ालिखा, हिन्दू-मुस्लिम, कांग्रेस-भाजपा, पुलिस-नागरिक, नेता-जनता, अधिकारी-लोग, बॉस-एम्प्लोयी, जवान-बुढा, टीचर-स्टूडेंट, आधुनिक-प्राचीन, आज-कल, पास-फ़ैल, पुन्य-पाप, ईमानदारी-बेईमानी, विश्वास-धोखा, गंदगी-सवच्छता, बेरोजगारी-रोजगार, भूख-खाना, प्यार-नफरत, अशांत-शांत, असली-नकली, मुफ्त-कमाना, चोरी-मेहनत, प्रकृति-आधुनिक, दिखाना-छिपाना, आशा-निराशा आदि|

आज कदम नहीं उठाये और जिम्मेदारी नहीं समझे, तो आने वाला भविष्य देखने लायक नहीं होगा| हमे काम करना होगा, हमको बट कर नहीं, एक साथ होकर काम करना होगा| चाहे वह कोई भी हो उसे आपको सम्मान के साथ बराबरी का हक़ देना होगा|

इस साल हमे कई बातो पर ध्यान देना जरुरी हैं:-
1. जो हमारे हाथो में काम हैं, उसी पर ध्यान देंगे| किसी का उपहास नहीं करेंगे| “चाहे वो राहुल गाँधी ही क्यों न हो”|
2. किसी को अनसुना नहीं करेंगे, चाहे वो तीन साल का बच्चा ही क्यों न हो|
3. अपने जिंदगी में पौधरोपण करते रहना हैं| यह हमारी जिम्मेदारी हैं|
4. हमे खेल खेलते रहना हैं|
5. किताबे पड़ते रहना हैं, सीखते रहना हैं| किसी को सिखाना नहीं हैं 
6. मजबूत बनना हैं, सोच से शरीर से|
7. हर बच्चा जो पढना चाहता हैं, उसे हमे सपोर्ट करना हैं| यह हमारी जिम्मेदारी हैं|
8. अपने ख़ुशी के लिए ऐसा सामान नहीं खरीदना हैं जिससे प्लास्टिक बढे| 
9. जो अच्छा कर रहा हैं उसे साथ देना हैं, शब्दों से या आर्थिक रूप से|
10. कम से कम कचरा पैदा करना हैं और रीसाइक्लिंग पर ध्यान देना हैं|
11. समाज के कई तकलीफे हैं, जिससे दूर करने की जिम्म्मेदारी हमारी हैं| चाहे वो प्रधानमंत्री हो, मुख्मंत्री हो या एक आम नागरिक हो, सबकी जिम्मेदारी हैं|
12. अपने फायदे के लिए किसी को बेवकूफ नहीं बनाना हैं|

हम जानते हैं की हम एक होने की बात कर रहे हैं, जो नामुमकिन हैं क्योकि हर एक व्यकित का अपना-अपना सोच होता हैं, पर मेरा मानना हैं सोच से नहीं काम से तो एक हो सकते हैं|

आपके पास बहुत कुछ हैं, जो आप दे सकते हैं|
तभी आने वाला पीड़ी को नए वर्ष मनाने का मौका मिलेगा, नहीं तो वर्ष तो आएगा पर खुशियाँ नहीं|

धन्यवाद, मेरी बातो पर ध्यान दीजियेगा| सर 
आशीष बरनवाल
संस्थापक
Keep Smiling Foundation

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